ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि छात्रों के आंदोलन के दबाव में प्रधानमंत्री को देर रात वीडियो जारी करना पड़ा। उन्होंने इसे जनता की एकता और लोकतांत्रिक दबाव की ताकत बताया।
ओवैसी ने कहा कि जब आम लोग संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करते हैं तो बड़ी से बड़ी सत्ता को भी झुकना पड़ता है। उन्होंने बिना किसी आंदोलन का नाम लिए कहा कि दिल्ली में हाल की राजनीतिक घटनाओं ने दिखा दिया कि “ताकतवर को कमजोरों के आगे झुकना पड़ा।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
अपने संबोधन में ओवैसी ने वर्ष 2030 के आम चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2030 में भारत का नेतृत्व एक युवा चेहरे के हाथों में होगा और उनकी कोशिश रहेगी कि देश का प्रधानमंत्री 40 से 45 वर्ष की आयु का कोई युवा बने। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं को नेतृत्व में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
सभा के बाद ओवैसी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कई वीडियो साझा किए, जिनमें उन्होंने लिखा कि जब जनता सड़कों पर उतरती है तो सत्ता को जवाब देना पड़ता है। इन पोस्टों के जरिए उन्होंने अपने समर्थकों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील भी की।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छात्रों से जुड़े मुद्दों और देश के युवाओं को संबोधित करते हुए वीडियो संदेश साझा किया था। इसके बाद एक अन्य वीडियो में उन्होंने लोगों द्वारा मिले सकारात्मक समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं, ओवैसी के ताजा बयानों ने एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है।



