उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के गोंडा थाना क्षेत्र के गांव बसौली में एक युवती की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय हिमांशी की मौत के बाद उसके शव का रातों-रात अंतिम संस्कार कर दिया गया। युवती के प्रेमी की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और हत्या तथा साक्ष्य मिटाने के आरोप में पिता, मामा और एक अन्य परिजन को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया। एक बाल अपचारी को भी बाल सुधार गृह भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक, हिमांशी और कस्बे के निवासी हर्षित वार्ष्णेय के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि परिवार को इस रिश्ते पर आपत्ति थी और युवती के साथ पहले भी मारपीट की जाती थी। हर्षित का कहना है कि युवती ने पहले भी अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी और इस संबंध में पुलिस के समक्ष मामला आ चुका था।
वहीं, आरोपी पिता अवधेश कुमार ने अपने ऊपर लगे हत्या के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि हिमांशी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। उन्होंने दावा किया कि उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि हिमांशी इंटरमीडिएट के बाद एलएलबी की पढ़ाई कर रही थी। शिकायत के अनुसार, 15 मार्च को वह कथित पारिवारिक उत्पीड़न से परेशान होकर हर्षित की दुकान पर पहुंची थी। हर्षित ने आरोप लगाया कि उस समय भी परिजनों ने दुकान के बाहर उसके साथ मारपीट की थी, जिसकी सीसीटीवी फुटेज होने का दावा किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



