भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। 38 वर्षीय रहाणे लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे और उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला वर्ष 2023 में खेला था। उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक शांत, भरोसेमंद और संघर्षशील खिलाड़ी के शानदार सफर का अंत हो गया।
रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 38.46 की औसत से 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं वनडे में उन्होंने 2962 रन बनाए और कई महत्वपूर्ण मौकों पर टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
रहाणे को खास तौर पर विदेशी परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में उन्होंने कई यादगार पारियां खेलीं और भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में अपनी पहचान बनाई।
उनके संन्यास के बाद क्रिकेट जगत की कई दिग्गज हस्तियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रहाणे ने हमेशा टीम को खुद से ऊपर रखा और उनकी संयम तथा आक्रामकता का संतुलन उन्हें एक खास खिलाड़ी बनाता था। उन्होंने रहाणे और उनके परिवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी रहाणे के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट को उनकी सेवाएं हमेशा याद रहेंगी। बोर्ड ने उनके शानदार करियर के लिए आभार जताते हुए नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा कि अजिंक्य रहाणे का करियर टीम भावना का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कठिन विदेशी दौरों में रहाणे ने भारत के लिए यादगार प्रदर्शन किया और उनकी कप्तानी में 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में हमेशा दर्ज रहेगी।
पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने रहाणे को याद करते हुए कहा कि मैदान पर वह हमेशा शांत लेकिन भीतर से भारत के लिए पूरी ताकत से लड़ने वाले खिलाड़ी थे। धवन ने उनके अगले सफर के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी नई पारी भी उतनी ही सफल हो।
पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी रहाणे की जमकर सराहना की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में खेले गए उनके यादगार मुकाबलों को याद करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट को उनकी कई शानदार पारियां हमेशा याद रहेंगी।
अजिंक्य रहाणे के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2020-21 की ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज को माना जाता है। पहले टेस्ट में हार और नियमित कप्तान विराट कोहली की अनुपस्थिति के बावजूद रहाणे ने युवा टीम का नेतृत्व करते हुए भारत को ऐतिहासिक सीरीज जीत दिलाई। ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर मिली जीत आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे गौरवशाली पलों में गिनी जाती है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद भी अजिंक्य रहाणे घरेलू क्रिकेट और अन्य प्रतियोगिताओं में सक्रिय रह सकते हैं। क्रिकेट प्रेमियों के लिए वह हमेशा एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में याद किए जाएंगे जिसने बिना शोर-शराबे के अपने प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।



