बदायूँ। उघैती थाना क्षेत्र के रियोनाई गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक शहनाइयों की गूंज, हंसी-खुशी और नई जिंदगी की खुशियां थीं, वहीं अब चीख-पुकार और मातम का माहौल है। नई नवेली दुल्हन रश्मि के हाथों की मेहंदी का रंग भी फीका नहीं पड़ा था कि सुहागरात से पहले ही जहरीले सांप ने उसके पति बबलू मौर्य की जान ले ली। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।
बबलू मौर्य की बारात बुधवार को संभल जिले के गुन्नौर क्षेत्र के गांव लौहरपुरा गई थी। गुरुवार दोपहर वह अपनी पत्नी रश्मि को विदा कराकर घर लौटा, जहां पूरे दिन स्वागत और विवाह की पारंपरिक रस्में निभाई गईं। परिवार के लोग नई बहू के आगमन की खुशियां मना रहे थे और किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों में यह खुशी गहरे दुख में बदल जाएगी।
रात में परंपरा के अनुसार नवदंपती के लिए कमरे में जमीन पर बिस्तर लगाया गया। देर रात किसी समय जहरीले सांप ने सो रहे बबलू की गर्दन पर डस लिया। सुबह हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें पहले सहसवान के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां सर्पदंश की पुष्टि होने के बाद उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों ने भरसक प्रयास किए, लेकिन इलाज के दौरान बबलू ने दम तोड़ दिया।
बबलू की मौत के बाद परिवार इस सदमे को स्वीकार नहीं कर सका। अंतिम उम्मीद में परिजन उसके शव को लेकर सपेरों और झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिकों के पास भी पहुंचे, लेकिन घंटों की कोशिशों के बावजूद कोई चमत्कार नहीं हो सका। बाद में परिवार ने बिना पोस्टमार्टम कराए उनका अंतिम संस्कार कर दिया। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी प्रचलित अंधविश्वास पर भी सवाल खड़े करती है।
पति की अचानक मौत से पत्नी रश्मि का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस आंगन में एक दिन पहले तक बैंड-बाजे और मंगलगीत गूंज रहे थे, वहां अब केवल सिसकियां सुनाई दे रही हैं। पूरे रियोनाई गांव में इस हृदयविदारक घटना के बाद शोक की लहर है। यह हादसा इस बात की भी याद दिलाता है कि सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में बिना समय गंवाए वैज्ञानिक और चिकित्सीय उपचार ही सबसे प्रभावी उपाय है।



