उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर और अपने समधी अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इससे एक दिन पहले ही मायावती ने अशोक सिद्धार्थ से चार राज्यों का प्रभार वापस लिया था, जिसके बाद उनके उत्तर प्रदेश में नई जिम्मेदारी मिलने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, रविवार को मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए उनके निष्कासन का ऐलान करते हुए स्पष्ट किया कि अब उन्हें पार्टी में दोबारा वापस नहीं लिया जाएगा। मायावती ने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ ने कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत जिन राज्यों की जिम्मेदारी संभाली, वहां पार्टी के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया और अनुशासनहीनता की शिकायतें लगातार सामने आती रहीं। उन्होंने कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद सुधार नहीं हुआ और राज्यों का प्रभार हटाए जाने के बाद उनके उत्तर प्रदेश लौटने की खबरें फैलाकर पार्टी में भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई। मायावती ने इसे आगामी विधानसभा चुनाव के अभियान को प्रभावित करने का षडयंत्र बताते हुए पार्टी हित में तत्काल प्रभाव से निष्कासन का फैसला लिया। इसके साथ ही बसपा ने सहारनपुर निवासी और पार्टी कोआर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी कार्रवाई की है। मायावती के अनुसार उन्हें पंजाब के साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उनके खिलाफ भी अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें आती रही हैं। ऐसे में उन्हें भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। चुनाव से पहले बसपा में हुई इस कार्रवाई को पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
UP में चुनाव से पहले BSP में बड़ा एक्शन, मायावती ने समधी अशोक सिद्धार्थ को फिर पार्टी से निकाला; रणधीर सिंह बेनीवाल भी निष्कासित
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