उझानी नगर के रेलवे फाटक के पास से गुजरने वाला नगर पालिका का मुख्य नाला इन दिनों गंदगी और लापरवाही की तस्वीर बन गया है। नाले में पॉलिथीन, प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा और सड़ी हुई गंदगी का अंबार लगा है, जिससे उठने वाली दुर्गंध ने नई बस्ती के लोगों का जीना दूभर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
बारिश की हल्की फुहार भी इस इलाके के लिए मुसीबत बन जाती है। पूरे शहर का गंदा पानी इसी नाले से होकर गुजरता है और नाला जाम होने के कारण पानी सड़क पर फैल जाता है। सड़क पर कीचड़, बदबू और गंदा पानी भर जाने से राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है।
आसपास दुकान चलाने वाले उमेश यादव, रामेश्वर, सुनील कुमार समेत कई व्यापारियों ने बताया कि नगर पालिका में कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन सफाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिला। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने की बजाय शिकायतों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
दुकानदारों और क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि भीषण गर्मी में नाले से उठ रही बदबू और गंदगी संक्रामक बीमारियों को न्योता दे रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई नहीं कराई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
वहीं, इस पूरे मामले पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मणी सैनी ने बताया कि कर्मचारियों को मौके पर भेजकर नाले की जल्द सफाई कराई जाएगी और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। अब लोगों की निगाहें इस आश्वासन पर टिकी हैं कि क्या नगर पालिका जल्द कार्रवाई करेगी, या फिर नई बस्ती के लोग बदबू, गंदगी और जलभराव की समस्या से जूझते रहेंगे।



