भारतीय क्रिकेट को एक और विस्फोटक सितारा मिल गया है। युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से हर मैच में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। आईपीएल में धमाल मचाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी वही अंदाज बरकरार रखा है। जिम्बाब्वे दौरे की तीन टी20 मैचों की सीरीज में 151 रन और सबसे ज्यादा 9 छक्के लगाकर वैभव ने ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब अपने नाम किया और साबित कर दिया कि उनका बल्ला किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने का दम रखता है।
हरारे जैसे बड़े मैदान पर जहां छक्का लगाना आसान नहीं माना जाता, वहीं वैभव ने 102 मीटर का विशाल छक्का जड़कर सभी को हैरान कर दिया। पूरी सीरीज में कोई दूसरा बल्लेबाज पांच छक्कों का आंकड़ा भी नहीं छू सका, जबकि वैभव अकेले नौ सिक्स लगाकर छा गए। उनकी निडर बल्लेबाजी और बड़े शॉट खेलने की क्षमता ने क्रिकेट विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया है।
वैभव सूर्यवंशी इस कैलेंडर वर्ष में अब तक 86 छक्के लगा चुके हैं और इसके साथ ही वह एक साल में भारत के लिए टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे केवल अभिषेक शर्मा हैं, जिन्होंने 2024 में 87 और 2025 में रिकॉर्ड 108 छक्के लगाए थे। अब वैभव को दूसरे स्थान पर पहुंचने के लिए सिर्फ दो और छक्कों की जरूरत है।
वैभव के 86 छक्कों में से 72 छक्के आईपीएल में आए हैं, जो उनकी विस्फोटक फॉर्म का सबसे बड़ा सबूत हैं। अक्टूबर में भारत को घरेलू मैदान पर पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। छोटे मैदान और बल्लेबाजों के अनुकूल पिचें वैभव के लिए रिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा मौका साबित हो सकती हैं। यदि उनका यही अंदाज जारी रहा तो अभिषेक शर्मा का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी खतरे में पड़ सकता है।
भारत को इसके बाद न्यूजीलैंड दौरे पर टी20 सीरीज खेलनी है, जहां छोटे मैदान तो मिलेंगे लेकिन स्विंग गेंदबाजी वैभव की असली परीक्षा ले सकती है। वहीं अफगानिस्तान या बांग्लादेश के खिलाफ संभावित टी20 सीरीज भी उनके लिए रिकॉर्ड बनाने का बड़ा मंच बन सकती है। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या वैभव सूर्यवंशी साल खत्म होने से पहले भारत के नए ‘सिक्सर किंग’ बन पाएंगे या नहीं।



