भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक तेज बारिश हो सकती है। सोमवार से गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी।
रविवार को तेज धूप और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। दिन का तापमान सामान्य से करीब 4.7 डिग्री अधिक दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर रहा। हालात ऐसे रहे कि पंखे और कूलर भी बेअसर नजर आए। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बदलते मौसमी तंत्र के चलते अब मौसम तेजी से करवट लेने वाला है।
मौसम विभाग के अनुसार 28 से 31 जुलाई के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। खासकर 28 से 30 जुलाई के दौरान बारिश अपने चरम पर रह सकती है। लगातार होने वाली बारिश न केवल गर्मी पर ब्रेक लगाएगी बल्कि कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी पैदा कर सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस बार जुलाई महीने की बारिश पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है। इस सीजन में अब तक 491.7 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि वर्ष 2018 का 544.4 मिमी का रिकॉर्ड टूटने से अब यह आंकड़ा ज्यादा दूर नहीं है। यदि अनुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश होती है तो नया रिकॉर्ड बन सकता है।
मौसम विभाग ने बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत, बरेली, कासगंज, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या समेत प्रदेश के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं लखीमपुर खीरी और बहराइच में भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।



